"संगठन का गीत"
हिन्दू स्वाभिमान की मशाल हो तुम हिन्दू जीवन की आधारशिला हो तुम संघटित होकर के निज बल दिखलाओ भारत माता को सिर झुकाओ
जय जय सूर्य समीरजलधर जय जय धरती धरा गगन मंडल जय जय भारत भाग्य विधाता तुझको कोटि कोटि प्रणाम हमारा
चल पड़े हैं हम विजय पथ पर होके अडिग अटल अविचल निश्चय लेकर हिन्दू समाज को संघटित कर हिन्दू राष्ट्र को सुदृढ़ बनाकर
भारत माता की जय ! भारत माता की जय !
संघ का गीत (रचनाकार: श्री नारायणराव मुक्तिबोध ‘बालासाहेब’ देशपांडे)
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